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नारी का रामराज्य कब होगा
पुस्तक “नारी का रामराज्य कब होगा” में कवि ने पौराणिक कथाओं, रामायण, महाभारत के साथ ही साथ वर्तमान समय में नारी की वास्तविक स्थिति का चित्रण किया गया है। सीता के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करते हुए दसरथ,सिरध्वज जनक, रावण, राम आदि से प्रश्न किया गया है। मुख्य प्रश्न यहीं है कि राम के राज्याभिषेक के पश्चात् अवध में रामराज्य स्थापित तो हो गया परन्तु नारियों की स्थिति में कोई खास फर्क नहीं पड़ा। यहां तक कि सीता को परित्यकता बनकर वनवास झेलना पड़ा। इसलिए सीता यह प्रश्न करती है कि “नारी का रामराज्य कब होगा ” ।
अनुषंगी कविताओं में कौशल्या, सुमित्रा, श्रुति कीर्ति, मांडवी, सुलोचना, सुर्पनखा, त्रिजटा, मंदोदरी आदि का वर्णन किया गया है।
महाभारत में, द्रौपदी के माध्यम से कवि विभिन्न प्रश्न द्रुपद, द्रोण, भीष्म, कुंती आदि से किया गया है और यथासंभव उसका उत्तर देने का प्रयास किया गया है।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आज की नारी, सशक्त नारी, पहले शिक्षा फिर कन्यादान, मैं नारी हूं, नारी का श्रापित जीवन और आज की भारतीय नारी नामक कविताओं के माध्यम से नारी की वास्तविक स्थिति दर्शाने का प्रयास किया गया है।
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(0)By : विपिन वि. कांबळे
वियोग
वियोग—एक ऐसा अनुभव जो हृदय को छूता है और आत्मा को झकझोर देता है। यह उस व्यक्ति या वस्तु से अलग होने का गहरा दर्द है जिसे आप पूरी गहराई से प्रेम करते हैं। वियोग भावनाओं का एक ऐसा भंवर है जो बंधनों को खींचता है, परखता है, और कभी-कभी तोड़ भी देता है। यह दूरी, परिस्थिति, या किसी निर्णय का परिणाम हो सकता है, जो भीतर एक खालीपन और अनुपस्थिति की भावना छोड़ जाता है।
यह दर्द कभी महासागरों जितनी दूरियों में महसूस होता है, तो कभी टूटे हुए रिश्तों की गहरी खाई में। यादों की गूंज और उन जगहों की खामोशी—जो कभी हंसी और खुशी से भरी थीं—अलगाव के दर्द को और तीव्र कर देती हैं। यह एक यात्रा है, एकांत की यात्रा, जो आत्मनिरीक्षण को प्रेरित करती है, विकास को जन्म देती है, लेकिन साथ ही एक शून्य भी छोड़ जाती है, जिसे भरने की लालसा बनी रहती है।
फिर भी, वियोग कभी स्थायी नहीं होता। यह एक परीक्षा है—पुनर्खोज की, लचीलेपन की, और पुनर्मिलन की प्रस्तावना की। यह आशा को फिर से जीवित करता है, और जो खो गया था उसके महत्व को और गहराई से महसूस कराता है।
यह पुस्तक वियोग के हर पहलू को संजोती है—उसके दर्द, उसकी खामोशी, और उसकी गहराई में छिपी उस अनमोल उम्मीद को जो हमें आगे बढ़ने का साहस देती है। इन पृष्ठों में आप खुद को पाएंगे, और शायद वह खोया हुआ हिस्सा भी जो आपका इंतजार कर रहा है।
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(0)By : रतन सिंह चौहान
मेरे शब्द मेरी ताकत
“मेरे शब्द मेरी ताक़त” यह पुस्तक उस विश्वास और ताक़त का प्रतीक है जो शब्दों और कलम के माध्यम से उभरती है। एक कवि की सबसे बड़ी शक्ति उसकी लेखनी होती है, और यही शक्ति दुनिया को देखने और उसे बदलने की क्षमता रखती है।
इस पुस्तक में विभिन्न विषयों पर लिखी गई कविताओं का संग्रह है, जो जीवन के अनुभवों, भावनाओं और विचारों को शब्दों के माध्यम से चित्रित करती हैं। हर कविता पाठकों को किसी न किसी रूप में छूने और सोचने पर मजबूर करने का प्रयास करती है।
“मेरे शब्द मेरी ताक़त” न केवल कवि की आत्म-अभिव्यक्ति है, बल्कि यह पाठकों के लिए एक भावनात्मक और प्रेरणादायक यात्रा भी है।
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(0)By : Divya Kumari
यादें हमारे बाल जीवन की
यह पुस्तक आपको आपके बचपन की सुनहरी यादों की दुनिया में ले जाएगी। उन दिनों की मासूमियत, गलियों में खेलते हुए बिताए पल, मिट्टी में सनी हमारी हंसी, और बरसात में भीगने का आनंद – हर पन्ना आपको आपके अपने अनुभवों से जोड़ देगा। यहां स्कूल की शरारतें, दोस्तों संग की गई मस्ती, मां के हाथों का स्वादिष्ट खाना, और दादी-नानी की कहानियां जीवंत हो उठती हैं।
बचपन के वो ख्वाब, जो बड़े होकर हम भूल जाते हैं, इस किताब के जरिए फिर से याद आएंगे। यह न केवल बीते दिनों की याद दिलाएगी बल्कि उन भावनाओं को भी जिंदा करेगी, जो हमें सच्ची खुशी देती हैं। आइए, अपने बचपन को फिर से जिएं!
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(0)By : Divya Kumari
बारिश की बूँदें
यह पुस्तक बारिश के मौसम की उन प्यारी यादों को सहेजने का प्रयास है, जो हमारे दिलों में आज भी ताजा हैं। कागज की नावों के संग बहती खुशियां, मिट्टी की सौंधी खुशबू, खिड़की पर गिरती बूंदों की मधुर धुन, और ठंडी हवा का सुकून – हर पन्ना आपको मानसून की जादुई दुनिया में ले जाएगा।
बचपन की वो बारिशें, जब हम दोस्तों के साथ भीगते थे, छाते को छोड़कर खुले आसमान में नाचते थे, और गर्म चाय व पकोड़ों का आनंद लेते थे। यह किताब आपको बारिश के उन पलों की याद दिलाएगी, जो केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन का एक खूबसूरत एहसास हैं। आइए, बारिश के रंगों में भीगें और अपनी यादों को फिर से संजोएं!
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(0)By : Jyoti Kumari
सावन के संग आशाएं
सावन का पावन महीना है। भोलेनाथ की भक्ति इस महीने को बहुत प्रिय है। इस अवसर पर आप सभी लेखकों से अनुरोध है कि अपने शब्दों को पिरोकर इस पुस्तक में लिखें। सावन का सफर बहुत सुहाना होता है। रिमझिम रिमझिम बारिश के साथ कभी-कभी धूप भी होती है, लेकिन फिर भी यह मौसम हम सभी को बहुत पसंद है। बारिश की बूंदों का संगीत और मिट्टी की सोंधी खुशबू दिल को सुकून देती है। सावन के महीने में हरे-भरे पेड़-पौधे, झूमते हुए फूल, और ठंडी हवा का आनंद ही कुछ और है। तो आइए, क्यों न साथ मिलकर सावन के महीने को अपने शब्दों में व्यक्त करें और इस अनुभव को और भी यादगार बनाएं। अपने लेखन के माध्यम से हम इस पावन माह की सुंदरता और भोलेनाथ की भक्ति को और भी जीवंत बना सकते हैं।
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व्यक्ति एक चेहरे अनेक
व्यक्ति एक, चेहरे अनेक: पुस्तक का शीर्षक किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं है, अपितु आज की पीढ़ी के लिए पूर्णतः उचित है। क्योंकि यहाँ एक ही व्यक्ति दोहरे नकाब लगाए फिरता है। फिर चाहे वह कोई भी रिश्ता क्यों न हो। सभी रिश्तों में आजकल यही चलता है। लोग इंसान को खिलौना समझते हैं, जब मन आया खेला और फेंक दिया। कल एक नया खिलौना फिर उनके लिए तैयार होगा। क्योंकि नजर बदली जा सकती है, मगर नजरिया नहीं..!!
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(0)By : दीक्षिता परमार
श्री कृष्णा: प्रेम का महासागर
“श्री कृष्णा: प्रेम का महासागर” एक ऐसा काव्य और कथा संग्रह है जो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके दिव्य प्रेम की अद्भुत झलक प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक उनके गहरे प्रेम, भक्ति, और मानवता को जोड़ने वाले संदेशों को उजागर करती है, जो आज भी हर दिल को छूने की शक्ति रखते हैं। श्रीकृष्ण केवल प्रेम के प्रतीक ही नहीं, बल्कि ईश्वर के उस स्वरूप का प्रतिनिधित्व करते हैं जो करुणा, ममता, और न्याय से भरपूर है। उनकी मधुर बांसुरी की तान जहाँ गोपियों को मंत्रमुग्ध करती है, वहीं उनके उपदेश जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। प्रेम, करुणा, और आत्मिक शांति का अद्भुत संगम, यह संग्रह पाठकों को श्रीकृष्ण के अनंत प्रेम सागर में डूबने, उनकी दिव्यता का अनुभव करने और जीवन में नई प्रेरणा पाने का अवसर प्रदान करता है।
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(0)By : मनीषा जोशी
तन्हाई
तन्हाई एक ऐसा भावनात्मक दस्तावेज़ है जो अकेलेपन के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है। यह पुस्तक आत्मचिंतन, गहरे विचारों और संवेदनाओं के बीच यात्रा कराती है। तन्हाई को न केवल एक दर्द के रूप में, बल्कि आत्मा की गहराइयों को समझने और खुद से जुड़ने के अवसर के रूप में दर्शाती है।
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(0)By : विपिन वि. कांबळे
वह उठती है: शक्ति और प्रतिस्कंदन की कहानियाँ
वह उठती है: शक्ति और प्रतिस्कंदन की कहानियाँ एक ऐसा संकलन है जो महिलाओं की अदम्य शक्ति, संघर्षों और विजयगाथाओं को उजागर करता है। लेखकों से अनुरोध है कि वे अपनी कविताओं, निबंधों और लघु कथाओं के माध्यम से उन पलों को चित्रित करें जहाँ महिलाएँ कठिनाइयों को पार कर अपने अस्तित्व को संवारती हैं। यह संग्रह साहस, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की कहानियों को समर्पित है, जो दुनिया भर की महिलाओं को प्रेरित और सशक्त बनाएगा।
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(0)By : विपिन वि. कांबळे
नवीनीकरण की गूंज
“नवीनीकरण की गूंज” एक प्रक्रिया को संकेतित करता है जिसमें समाज या संगठन अपने ढांचे, विचार और क्रियावली में सुधार करने का प्रयास कर रहा है। इसमें व्यक्ति या समूह नई तकनीकों, विचारशीलता, और सोच को अपनाकर अपने अस्तित्व को बेहतर बनाने का प्रयास करता है। “परिवर्तन को स्वीकार करना” इसका अर्थ है कि लोग नए और सुधारित परिस्थितियों को स्वीकार करते हैं और इसमें सहयोग करते हैं, जिससे समृद्धि और विकास हो सकता है।
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समय का एक क्षण
समय का एक क्षण अस्तित्व का एक क्षणभंगुर किन्तु गहन भाग है। यह जीवन की भव्य माला का एक उत्कृष्ट मोती है, जो भावनाओं, विचारों और संवेदनाओं को समाहित करता है। उस समय अंतराल में, ब्रह्मांड कहानियों और यादों को बुनते हुए संरेखित होता है।
यह तारों भरी रात के नीचे चुराया हुआ चुंबन हो सकता है, दोस्तों के बीच साझा की गई हंसी या भोर की पहली किरण में एकांत चिंतन हो सकता है।
प्रत्येक क्षण अद्वितीय है, जो इतिहास का भार और आने वाले कल का संवाद करता है। अपनी संक्षिप्तता में, समय का एक क्षण भाग्य को आकार देने, दिलों को जोड़ने और हमारी आत्माओं पर अमिट छाप छोड़ने की शक्ति रखता है, जो हमें जीवन की सुंदरता और नश्वरता की याद दिलाता है।
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(0)By : विपिन वि. कांबळे
स्वप्नदर्शी
एक सपने देखने वाला/ वाली एक आत्मा है जो कल्पना और संभावना के दायरे में रहता/ रहती है। वे मन के रंगमंच में ज्वलंत दृश्यों का बुनकर है, जहाँ सपने बेकाबू पक्षियों की तरह उड़ान भरते हैं। एक सपने देखने वाले का दिल अज्ञात रोमांच की लय में धड़कता है, और उनकी आत्मा रचनात्मकता के अनदेखे परिदृश्यों पर पनपती है।
जो दूरदर्शी होते हैं, जो भविष्य को आशाओं, महत्वाकांक्षाओं और आकांक्षाओं के साथ चित्रित करते हैं, अक्सर संदेह की पृष्ठभूमि के विपरीत उन अलौकिक सपनों का पीछा करने का साहस करते हैं। एक सपने देखने वाला/ वाली एक घुमक्कड़ होता/ होती है, जो इच्छाओं की भूलभुलैया में घूमता/ घूमती है, और हवा में महलों का वास्तुकार होता/ होती है, जो जो हो सकता है उसकी वास्तुकला का निर्माण करता/ करती है।
एक सपने देखने वाला/ वाली साधारणता से बंधा नहीं होता/ होती बल्कि असाधारण के शिखर पर नाचता/ नाचती है, क्योंकि वे वास्तविकता को आकार देने, दुनिया को बदलने और हम सभी के भीतर सुप्त जादू को जगाने के लिए सपनों की शक्ति में विश्वास करते हैं।।
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(0)By : विपिन वि. कांबळे
सांत्वना
सांत्वना—एक थकी हुई आत्मा के लिए शांति का सजीव आलिंगन। यह जीवन की आपाधापी से दूर, आत्मा को शरण देने वाला एक पवित्र अभयारण्य है। सांत्वना उन सरसराते पत्तों की कोमल फुसफुसाहट है जो प्रकृति की कालातीत लय में संगीत रचती हैं। यह एकांत का सुकूनभरा आलिंगन है, जहाँ जीवन की उथल-पुथल भरी धाराओं के बीच मन को ठहराव मिलता है।
यह किसी प्रिय मित्र के गर्म आलिंगन की तरह है—एक ऐसा आश्रय जहाँ आँसू और हँसी दोनों को अपनाया जाता है। सांत्वना में, बोझ हल्के हो जाते हैं, और चिंताओं को राहत मिलती है। यह एक प्यारी किताब के पन्नों में छिपी कहानियाँ हैं, एक मधुर धुन का जादुई स्पर्श है, और आत्म-खोज के शांत क्षणों में मिलने वाली स्थिरता है।
इस पुस्तक में, सांत्वना के हर रूप को गहराई से महसूस किया गया है—चाहे वह प्राकृतिक सौंदर्य हो, आत्मा का सुकून, या दूसरों के साथ साझा किया गया एक नर्म पल। इन पृष्ठों में आप अपनी आत्मा को सहलाने वाले लम्हे पाएंगे और भीतर छिपी उस शक्ति को खोजेंगे जो आंतरिक शांति और जीवन के सार को महसूस करने की राह दिखाती है। सांत्वना—एक ऐसा अनुभव जो आपको खुद से जोड़ता है।
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(0)By : Vipin V Kamble
संयोग
“संयोग” एक गहन और प्रेरक कथा है जो भाग्य और संयोग के रहस्यमय लेकिन सौंदर्यपूर्ण जाल को उजागर करती है। यह पुस्तक रोजमर्रा की हलचल और शांत परिदृश्यों के बीच बुनी गई कहानियों और कविताओं के माध्यम से जीवन के अप्रत्याशित और अनपेक्षित मोड़ों का उत्सव मनाती है। पात्रों की विविधता और उनके जीवन के ताने-बाने में अटूट रूप से जुड़ी रचनाएं पाठकों को ऐसे क्षणों में ले जाती हैं जहाँ साधारण मुलाकातें गहरी सच्चाईयों को प्रकट करती हैं।
हर कथा में पात्रों का सफर भाग्य के ऐसे पड़ावों से होकर गुजरता है जहाँ अनकही कहानियों का सन्नाटा और कहानियों का स्पंदन, दोनों ही मौजूद हैं। इन संयोगों के माध्यम से पुस्तक यह दर्शाती है कि कैसे छोटी घटनाएँ स्थायी रिश्तों और गहरे आत्म-साक्षात्कार का कारण बन सकती हैं। “संयोग” केवल कहानियों तथा कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के अनदेखे पहलुओं का एक प्रतिबिंब है जो पाठकों को अपनी यात्रा में झाँकने और प्रेरणा लेने का अवसर देता है।
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(0)By : Vipin V Kamble
प्रकृति की खूबसूरती
प्रकृति की खूबसूरती: प्रकृति की खूबसूरती को वर्णन करने के लिए शब्दों की कमी होती है, क्योंकि यह अनगिनत रंगों, सुरों, और आकृतियों का संगम है। पहाड़ों की ऊँचाइयों से लेकर समुंदर की बेहद गहराइयों तक, प्रकृति का सौन्दर्य हर जगह दिखाई देता है। वन्य जीवों का नृत्य, फूलों की मिठास, और मनोहारी वातावरण की खुशबू यहाँ के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों का हिस्सा हैं। प्रकृति की शांति और सामंजस्यपूर्णता हमें सुकून और आत्म-संतोष की अनुभूति कराती है, और यह हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारती है।